सहारनपुर : कांग्रेस सांसद और उत्तर प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष इमरान मसूद ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात के बाद बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए विश्वविद्यालय में छात्र संघ की बहाली और चुनाव कराने की मांग उठाई। वहीं, कश्मीर को लेकर कथित विवादित नारों के सवाल पर इमरान मसूद ने स्पष्ट कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और देश के खिलाफ गतिविधियों में शामिल लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
जामिया के छात्रों की मांगों को बताया जायज
इमरान मसूद ने बताया कि वह शुक्रवार को जामिया विश्वविद्यालय पहुंचे थे, जहां उन्होंने हड़ताल पर बैठे छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और उनकी मांगें जायज हैं। मसूद ने विश्वविद्यालय प्रशासन से सवाल किया कि जब लिंगदोह समिति की सिफारिशें लागू हैं, तो छात्र संघ के चुनाव कराने में देरी क्यों की जा रही है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि विश्वविद्यालयों में छात्र संघ की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। छात्र संघ के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं उठाने और विश्वविद्यालय प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने का अवसर मिलता है। उन्होंने मांग की कि छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए और छात्र संघ की बहाली के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
कश्मीर पर विवादित नारों के सवाल पर दिया जवाब
जामिया में आंदोलन के दौरान कश्मीर को लेकर कथित विवादित नारे लगाए जाने के सवाल पर इमरान मसूद ने कहा कि वह छात्रों के बीच अपनी बात स्पष्ट रूप से रखकर आए हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और इस विषय पर देश की संप्रभुता के खिलाफ बात करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।
मसूद ने दावा किया कि जब वह प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच मौजूद थे, तब वहां कोई भी छात्र कश्मीर को भारत से अलग बताने वाली बात कहता नजर नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक, छात्रों की वास्तविक मांगों और आंदोलन के मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए विवाद खड़ा किया जा रहा है।
हालांकि, कथित नारों को लेकर सामने आए आरोपों और उनकी वास्तविक स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। इमरान मसूद ने इस मामले में अपनी बात रखते हुए आंदोलन को बदनाम करने की साजिश होने का आरोप लगाया।
INDIA गठबंधन की रैली को लेकर भी बोले मसूद
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को प्रस्तावित INDIA गठबंधन की रैली को लेकर भी इमरान मसूद ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह रैली विपक्षी गठबंधन की है और इसमें गठबंधन से जुड़ी विभिन्न राजनीतिक पार्टियां शामिल हो रही हैं।
बीजेपी की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि बीजेपी को हर मुद्दे पर जवाब देने के बजाय लोकतांत्रिक व्यवस्था और विपक्ष की भूमिका पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी लोकतंत्र को कमजोर कर रही है। मसूद के इस बयान को विपक्षी गठबंधन की एकजुटता और केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस के राजनीतिक रुख से जोड़कर देखा जा रहा है।
टिकट बंटवारे पर पार्टी हाईकमान लेगा फैसला
आगामी चुनावों को लेकर टिकट वितरण के सवाल पर इमरान मसूद ने कहा कि उम्मीदवारों के चयन का फैसला पार्टी हाईकमान करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि टिकट किसे दिया जाएगा, इसका निर्णय पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर लिया जाएगा।
उनके इस बयान से साफ है कि कांग्रेस में चुनावी तैयारियों के बीच उम्मीदवारों के चयन का अधिकार केंद्रीय नेतृत्व के पास रहेगा। पार्टी की ओर से चुनावी रणनीति, संगठनात्मक गतिविधियों और विभिन्न राज्यों में राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखकर फैसले लिए जाने की संभावना है।
छात्रों के मुद्दे से राजनीति तक साधा निशाना
जामिया विश्वविद्यालय में छात्रों से मुलाकात के बाद इमरान मसूद ने छात्र संघ की बहाली, कश्मीर से जुड़े विवाद और INDIA गठबंधन की रैली जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने एक ओर छात्रों की मांगों का समर्थन किया, तो दूसरी ओर देश की संप्रभुता के सवाल पर अपना रुख स्पष्ट किया।
उनके बयान से यह भी संकेत मिला कि कांग्रेस विश्वविद्यालयों में छात्र राजनीति और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाने के साथ बीजेपी सरकार पर राजनीतिक हमला जारी रखेगी। अब देखना होगा कि जामिया में छात्र संघ की बहाली और चुनाव कराने की मांग पर विश्वविद्यालय प्रशासन क्या कदम उठाता है।

